इंटरनेट का जन्म: इंटरनेट का जन्म 1969 में हुआ, जब अमेरिका के रक्षा विभाग ने ARPANET (एडवांस्ड रिसर्च प्रोजेक्ट्स एजेंसी नेटवर्क) की शुरुआत की।
प्रौद्योगिकी की खोज: पहला प्रौद्योगिकी “आईबीएम साइमन” 1992 में लॉन्च किया गया था, जिसमें टचस्क्रीन और ईमेल सुविधाएं थीं।
वर्ड पियानो का आविष्कार: वर्ड स्टूडियो का पहला संस्करण “वर्डस्टार” 1979 में आया था।
कंप्यूटर माउस की खोज: कंप्यूटर माउस का आविष्कार डगलस इंगलबर्ट ने 1968 में किया था।
आईटी के जनक: इलेक्ट्रानिक्स कंप्यूटर्स के जनक माइकल फ़ारबर्न थे, जो 1947 में हर्वर्ड यूनिवर्सिटी में ENIAC कंप्यूटर्स की पहली बुनियाद बनी थी।
इंटरनेट का डोमेन नाम: पहला डोमेन नाम “symbolics.com” 1985 में पंजीकृत किया गया था।
ब्लू टूथ तकनीक: आर्किटेक्चर तकनीक का नाम एक नॉर्वेजियन वाक्य “ब्लूपंकट” से लिया गया है, जिसका अर्थ “ब्लू टूथ” है।
सुपरकंप्यूटर: दुनिया का सबसे तेज सुपरकंप्यूटर, “फुगाकू,” जो जापान में है, हरिकेन जे वॉरिज़ एफ 1 जैसी गति से काम करता है।
इंटरनेट व्यवसाय: वर्ष 2021 में, विश्व के सबसे अमीर व्यक्ति प्रौद्योगिकी व्यवसायकर्ता हैं, जिनमें जेफ बेज़ोस (अमेज़ॅन), एलन मस्क (टेस्ला), और बर्नार्ड अर्नोल्ड (माइक्रोसॉफ्ट) शामिल हैं।
कंप्यूटर वायरस: पहला कंप्यूटर वायरस “क्रीपर” 1971 में विकसित किया गया था और इससे आईबीएम के कंप्यूटर प्रभावित हुए थे।
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Computer top 10 amazing facts
कंप्यूटर का आविष्कार: पहला इलेक्ट्रॉनिक कंप्यूटर “ENIAC” 1946 में विकसित किया गया था, और यह 27 टन का था और विद्युत शक्ति से चलता था।
माइक्रोप्रोसेसर का आविष्कार: इंटेल ने 1971 में पहला माइक्रोप्रोसेसर “Intel 4004” लॉन्च किया था, जिससे मॉडर्न कंप्यूटर्स की नींव रखी गई।
कंप्यूटर डिस्क: पहला हार्ड डिस्क “IBM 305 RAMAC” 1956 में बनाया गया था और इसमें 5 मेगाबाइट की स्टोरेज क्षमता थी।
माउस का आविष्कार: माउस का आविष्कार डगलस इंगलबर्ट ने 1964 में किया था।
कंप्यूटर वायरस: पहला कंप्यूटर वायरस “Creeper” 1971 में डेवलप किया गया था।
वर्ड प्रोसेसिंग का आविष्कार: पहला वर्ड प्रोसेसिंग सॉफ़्टवेयर “WordStar” 1979 में लॉन्च हुआ था।
इंटरनेट का जन्म: इंटरनेट का जन्म 1969 में हुआ था, जब ARPANET को शुरू किया गया।
वर्ड प्रोसेसिंग का आविष्कार: वर्ड प्रोसेसिंग सॉफ़्टवेयर का पहला संस्करण “WordStar” 1979 में आया था।
बायोमेट्रिक्स टेक्नोलॉजी: आधारण कैमरों का इस्तेमाल आजकल कंप्यूटर सिस्टम्स में व्यक्तिगत पहचान के लिए किया जाता है, जैसे कि आईरिस और फिंगरप्रिंट स्कैनिंग।
सुपरकंप्यूटर: दुनिया का सबसे तेज सुपरकंप्यूटर, “Fugaku,” जिसका स्थान जापान में है, लगभग 442 पेटाफ्लॉप्स की गति से काम करता है और विशेषज्ञों के लिए बड़े गणकाधिकारी कार्यों के लिए उपयोग होता है।
कंप्यूटर वायरस क्या है: कंप्यूटर वायरस एक कंप्यूटर प्रोग्राम होता है जो अपने आप को तब तक कॉपी करता है और फैलता है जब तक यह एक होस्ट कंप्यूटर पर न आ जाए।
पहला कंप्यूटर वायरस: पहला कंप्यूटर वायरस “Creeper” था, जो 1971 में डेवलप किया गया था और ARPANET कंप्यूटर पर प्रभावित हुआ था।
कंप्यूटर वायरस की तरह नहीं: कंप्यूटर वायरस कंप्यूटर के साथ जीवों की तरह नहीं बढ़ सकते हैं और नहीं बुढ़वा सकते हैं। ये केवल सॉफ़्टवेयर होते हैं।
कंप्यूटर वायरस विस्तार: वायरस सीधे या इंटरनेट के माध्यम से फैल सकते हैं, और वे डॉक्यूमेंट्स, एप्लिकेशन्स, या ईमेल के साथ आ सकते हैं।
आउटोरन वायरस: कुछ वायरस आपके फ़ाइलें हटाने के बजाय खुद को कॉपी करते हैं और स्थायी रूप से आपके सिस्टम में बैठ जाते हैं।
अच्छे लक्षण: कुछ वायरस चुपचाप काम करते हैं और आपके सिस्टम को बर्बाद नहीं करते, जबकि दूसरे वायरस किसी भी तरह की क्षति कर सकते हैं।
वायरस की पहचान: एंटीवायरस सॉफ़्टवेयर कंप्यूटर को वायरस से सुरक्षित रखने में मदद कर सकता है।
सोशल इंजीनियरिंग: कई वायरस हमारे सामाजिक जीवन को उपयोग करते हैं, जैसे कि फ़िशिंग अटैक्स, जिसमें वे आपकी व्यक्तिगत जानकारी की चोरी करने का प्रयास करते हैं।
वायरस के विस्तार: कंप्यूटर वायरस बढ़ते रहते हैं, और नए विधानों से बचाव की तकनीकें डेवलप की जाती हैं।
कानूनी प्रशासन: कंप्यूटर वायरस बनाना, फैलाना, या उनका उपयोग करना कानूनी अपराध हो सकता है और कई देशों में इसके लिए कड़े कानून हैं।