gst registration kaise kare

GST ka matlab hai “Goods and Service Tax” इस पोस्ट मे जानेगेgst registration kaise kare “वस्तु एवं सेवा कर”. यह भारत सरकार द्वारा लगाया गया एक प्रकार का कर है जो पहले से चल रहे सभी प्रकार के कर और लागत को एक कर बनाकर लागू किया गया है। GST के अंतर्गत, हर प्रकार के व्यापार, सामान और सेवा पर एक ही प्रकार का कर लगाया जाता है, जिससे व्यवसायियों और ग्राहकों दोनों को फायदा मिलता है। इसके माध्यम से, कर संबंधित नियम और विधानों को आसान बनाने का लक्ष्य है।

GST Registration kaise kare

GST registration process kuch steps mein poora kiya jata hai. Neeche diye gaye steps ko follow karke GST registration kar sakte hain

gst registration kaise kare step by step process bataya gaya hai-:

gst registration kaise kare

gst registration kaise karen in hindi

  1. GST portal par jaaye – Sabse pehle, GST portal par jaaye (https://www.gst.gov.in/).
  2. New Registration button par click kare – Portal par jaane ke baad, “New Registration” button par click kare.
  3. Registration page par details bhare – Ab, GST registration form ko bhare. Isme aapko apni company ya firm ka naam, PAN number, contact details, email address, state, constitution of business aadi details deni hogi.
  4. OTP verification – Jab aap form bharenge, tab aapko GST portal dwara ek OTP (One-Time Password) bheja jayega. Is OTP ko enter kare aur verify kare.
gst registration kaise kare
  1. Temporary Reference Number (TRN) generate kare – OTP verify hone ke baad, aapko Temporary Reference Number (TRN) generate karna hoga.
  2. TRN se form fill kare – Ab aapko Temporary Reference Number (TRN) ka use karke apna registration form ko fill karna hoga.
  3. Documents upload kare – Registration form ko fill karne ke baad, aapko apne kuch documents GST portal par upload karna hoga, jaise ki PAN card, address proof, bank details aadi.
  4. Application submit kare – Sabhi details aur documents ko upload karne ke baad, application ko submit kare.
  5. ARN number generate hoga – Aapka GST registration ka application submit hone ke baad, GST portal dwara ek Application Reference Number (ARN) generate kiya jayega. Is ARN number ko note kar le.
  6. Application processing ki jaankari – GST portal par jaakar aap apne application ka processing ki jaankari le sakte hain.

In steps ko follow karke aap GST registration kar sakte hain. Ismein aapko sahi aur poore details aur documents provide karna bahut zaroori hai. to ab aap jan chuke hai ki ham GST Registration kaise kare.

GST के बारे मे संक्षिप्त जानकारी

भारत में वस्तु एवं सेवा कर (Goods and Services Tax – GST) एक महत्वपूर्ण अर्थव्यवस्था और राजकोषीय सुधार है। 1 जुलाई 2017 को लागू हुआ, यह एक सरल एवं व्यापक कर सुधार है जिसका उद्देश्य देशभर में करों की ढिलाई करके एक समान कर प्रणाली के विकास को सुनिश्चित करना है।

GST की अनूठी विशेषता यह है कि इसमें वस्तुएं और सेवाएं दोनों को एक साथ शामिल किया गया है। पहले के कर सिस्टम में वस्तुएं और सेवाएं अलग-अलग करों के तहत आती थीं जिससे उन्हें अलग-अलग तरीके से व्यवस्थित करना पड़ता था। इससे समय और धन का व्यय होता था। GST के आने से वस्तुएं और सेवाएं एक ही चट्टान के नीचे आ गई हैं और उन्हें एक ही नियमों के अनुसार व्यवस्थित किया जा सकता है।

GST के लागू होने से व्यापारियों को अपने व्यवसाय को चलाने में बड़ी सुविधा मिली है। पहले के कर सिस्टम में कर के अलग-अलग प्रकार के होने से व्यापारियों को कई प्रकार के कर भुगतान करने पड़ते थे, जो कठिनाईयों का कारण बनता था। GST में सभी करों को एक चालू रखने से यह समस्या समाप्त हो गई है और व्यापारियों को अपने कारोबार को अधिक उत्तरदायी ढंग से चलाने का मौका मिलता है।

GST के लागू होने से भारतीय अर्थव्यवस्था में सुधार हुआ है। यह कर सुधार देश की GDP में सकारात्मक प्रभाव डाला है और विभिन्न क्षेत्रों में विकास को गति प्रदान कर रहा है।

जीएसटी लगाने की शक्ति संबिधान के किस आर्टिक्ल से प्राप्त होती है?

जीएसटी (Goods and Services Tax – GST) लगाने की शक्ति भारतीय संविधान के “आर्टिकल 246ए” और “आर्टिकल 246 ए का खंड अ” से प्राप्त होती है।

  1. आर्टिकल 246ए: इस आर्टिकल के तहत संघ और राज्य सरकार को समान शक्ति है वस्तुओं और सेवाओं पर कर लगाने के लिए। इसमें संघ सरकार को विशेष योग्यता दी गई है विभिन्न राज्यों के लिए वस्तुओं और सेवाओं पर एक समान विधायिका बनाने के लिए, जो जीएसटी को समर्थन करता है।
  2. आर्टिकल 246ए का खंड अ: यह आर्टिकल जीएसटी को स्पष्ट रूप से विधायिक विधायिका में दर्शाता है। इसमें वस्तुएं और सेवाएं के कर विषय को संविधान द्वारा प्राधिकृत विधायिका द्वारा निर्धारित करने की अनुमति है। यह आर्टिकल राज्य सरकारों को जीएसटी को अपने राज्यों में लागू करने की अनुमति देता है।

इस तरह, आर्टिकल 246ए और 246ए का खंड अ द्वारा संविधान ने संघ और राज्य सरकारों को जीएसटी के लागू होने की शक्ति दी है। इसे लागू करने के लिए संघ और राज्य सरकारों को संविधायिका बनाने की अनुमति होती है जो वस्तुओं और सेवाओं पर सामान्य कर निर्धारित करता है।

कर छूट क्या है?

कर छूट (Tax exemption) एक कर या करों के लिए वह स्थिति होती है जिसमें कुछ व्यक्तियों, संगठनों, उत्पादों या सेवाओं को कर भुगतान करने की आवश्यकता नहीं होती है। कर छूट के अंतर्गत विशिष्ट कर राज्य या केंद्र शासित प्रदेशों में उपलब्ध होती है और इसके प्रावधान कर नियमों के अनुसार तय की जाती है। यह अलग-अलग कारणों से दी जा सकती है, जैसे कि सरकारी नीतियों और योजनाओं के तहत विभिन्न क्षेत्रों के विकास को प्रोकर छूट क्या है त्साहित करने के लिए, आर्थिक विकास को बढ़ावा देने के लिए, या किसी विशेष कारण से सामाजिक या आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लोगों की सहायता के लिए।

कर छूट के अंतर्गत किसी व्यक्ति, संगठन या उत्पाद को विशिष्ट शर्तों और प्रतिबंधों के तहत कर का भुगतान नहीं करने की अनुमति होती है। इससे उन्हें किसी निश्चित कर से मुक्ति मिलती है या फिर उन्हें कम कर दिया जाता है। कर छूट के अधिकारी या संबंधित निकाय इसे निर्धारित करते हैं और इसे लाभार्थियों द्वारा आवेदन पर देते हैं।

कर छूट के अनुदान को विभिन्न दर्जे के उद्देश्यों के लिए प्रदान किया जा सकता है, जैसे कि सेवा शुल्क, सामान्य विक्रय कर, सीमा शुल्क, आयकर आदि। इससे सरकारी नीतियों को पूरा करने वाले व्यक्ति या संगठन को अधिक विकसित और आर्थिक रूप से स्थिर होने में मदद मिलती है।

कर छूट के अंतर्गत कई तरह के करों को शामिल किया जा सकता है जैसे कि छोटे उद्यमों को बढ़ावा देने के लिए छोटे उद्योग विकास कर अधिनियम, ग्रामीण क्षेत्रों में विकास के लिए ग्रामीण विकास कर अधिनियम, इत्यादि। इसके अलावा, विशिष्ट समयावधि तक के लिए छूट भी दी जा सकती है, जैसे कि धार्मिक यात्रा, विशेष समारोह, आदि के दौरान किए जाने वाले विक्रय और सेवा शुल्क का छूट दिया जा सकता है।

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GST kab lagu kiya gaya?

GST INDIA me 1 जुलाई, 2017 को लागू किया गया था। तब से चल रहा है।

GST ke aane se nuksan

GST ke aane se kuch cheezein sasti hui aur kuch mehengi hui. Kuch samaan aur sevaon par GST rate kam hua, jaise ki fresh khane ki cheezein, kapde, books, school bags, pens, pencils aadi. Iske alava, kuch prakar ke kar aur lagat bhi hata diye gaye. Lekin, kuch samaan aur sevaon par GST rate badha diya gaya, jaise ki luugage, jwellery, furniture, luxury cars aadi. Iske saath hi, kuch prakar ke kar aur lagat bhi GST ke antargat aane ke baad se lage hai. Overall, GST ke aane se economy mein kuch changes hue hai, jinse kuch logo ko fayda hua hai aur kuch logo ko nuksaan bhi hua hai.

GST aane ke fayde

  1. एक कर – GST अब तक के सभी प्रकार के करों और लागतों को एक कर बना दिया है। इससे कारोबारियों को कर से जुड़े पेपरवर्क और फिलिंग में आसानी हो गई है।
  2. सरलता – GST के अंतर्गत कर संबंधित नियम और विधानों को सरल बनाने का लक्ष्य है। इससे कर प्रणाली को सरल बनाकर उसे समझने और फॉलो करने में आसानी हो गई है।
  3. लागत में कटौती – GST के अंतर्गत कुछ सामान और सेवाओं पर कटौती दी गई है, जो कारोबारियों और उनके ग्राहकों के लिए फायदेमंद है।
  4. ई-कॉमर्स के लिए सुविधा – GST ने ई-कॉमर्स के लिए एक नया टैक्स प्रणाली बनाई है, जो इस सेक्टर को विकास के लिए एक समान प्लेटफार्म प्रदान करती है।
  5. लंबे समय तक स्थिरता – GST ने टैक्स प्रणाली को बदलकर इसे लंबे समय तक स्थिर बनाया है। इससे अर्थव्यवस्था में स्थिरता बढ़ी है और कारोबारियों को लंबे समय तक तनाव मुक्त रखने में मदद मिलती है।

GST से पहले कौन कौन से कर लागू थे।

GST के पहले भारत में निम्नलिखित कर लगाए जाते थे:

  1. सेंट्रल सेवा टैक्स (CST) – इस कर को वस्तुओं की खरीद पर लगाया जाता था।
  2. एंट्री टैक्स (Entry Tax) – यह कर एक राज्य से दूसरे राज्य में वस्तुओं के प्रवाह पर लगाया जाता था।
  3. सेवा कर (Service Tax) – यह कर सेवा देने के लिए लिया जाता था।
  4. स्टेट वैट (State VAT) – इस कर को वस्तुओं की खरीद पर लगाया जाता था। इसे राज्य सरकार लेती थी।
  5. सेंट्रल एक्साइज ड्यूटी (Central Excise Duty) – यह कर उत्पादन और विनिर्माण के दौरान उत्पादकों द्वारा लिया जाता था।

इन सभी करों को GST के आने से पहले भारत में लागू किया जाता था।

अगर आप विडियो के माध्यम से जानना चाहते है तो आप इस विडियो को देख सकते हैं इस विडियो के माध्यम से भी आप स्टेप बाइ स्टेप जान सकते हैं gst registration kaise kare.

GST का नया नियम क्या है ?

GST के नए नियमों के तहत, कारोबारियों को जिनका सालाना टर्नओवर पिछले किसी भी वर्ष के दौरान 5 करोड़ रुपए से अधिक रहा है, अपने सौदों के लिए इलेक्ट्रॉनिक रसीदें (E-Invoices) जारी करना अनिवार्य हो गया है। यह नियम अक्टूबर 2022 से लागू किया गया था और अगस्त 2023 से इस टर्नओवर लिमिट को घटाकर 5 करोड़ रुपए कर दिया जाएगा।
E-Invoices जारी करने के लिए, कारोबारियों को निम्नलिखित जानकारी प्रदान करनी होगी:
खरीदार का नाम और पता
माल की मात्रा और मूल्य
माल की आपूर्ति की तारीख
माल की आपूर्ति का तरीका
माल की आपूर्ति का स्थान
माल की आपूर्ति का कर योग्य मूल्य
माल की आपूर्ति पर देय कर की राशि
E-Invoices जारी करने से GST विभाग को राजस्व बढ़ाने और टैक्स चोरी से निपटने में मदद मिलेगी और कारोबारियों को भी अपने जीएसटी रिटर्न दाखिल करना आसान हो जाएगा।
इस प्रकार, GST के नए नियम अपने व्यवसाय को और सुगम बनाने और व्यापारियों को अधिक उत्तरदायी बनाने का प्रयास कर रहे हैं।

GST का नया नियम 74 क्या है ?

GST का नया नियम 74, 1 जुलाई, 2022 से लागू हुआ है. यह नियम एक विशेष उद्देश्य के लिए इकाई (SOU) के लिए है. SOU एक इकाई है जो एक विशिष्ट उद्देश्य के लिए बनाई गई है, जैसे कि अनुसंधान और विकास, या उत्पादन. इस नियम के तहत, SOU अपनी आपूर्ति के लिए GST का लाभ उठा सकता है, भले ही वह एक करदाता न हो.
यह नियम SOU के लिए GST का लाभ उठाना आसान बनाता है और अनुसंधान और विकास, या उत्पादन जैसे क्षेत्रों में निवेश को प्रोत्साहित करता है.
यहाँ कुछ महत्वपूर्ण बिंदु हैं जो आपको नए नियम 74 के बारे में जानने चाहिए:
यह नियम 1 जुलाई, 2022 से लागू हुआ है.
यह नियम एक विशेष उद्देश्य के लिए इकाई (SOU) के लिए है.
SOU अपनी आपूर्ति के लिए GST का लाभ उठा सकता है, भले ही वह एक करदाता न हो.
SOU को GST का लाभ उठाने के लिए एक आवेदन फॉर्म भरना होगा.
यदि आप एक SOU हैं और आप GST का लाभ उठाना चाहते हैं, तो आपको GST के नियम 74 के बारे में अधिक जानकारी प्राप्त करनी चाहिए. आप GST के आधिकारिक वेबसाइट पर नियम 74 के बारे में अधिक जानकारी प्राप्त कर सकते हैं.

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